कमर में दर्द के लक्षण, कारण (Lower Back Pain)



कमरदर्द केवल कमर की हड्डी या नस में किसी बीमारी के कारण ही हो रहा हो यह जरूरी नहीं


कमरदर्द’ इतना आम माना जाता है कि हम इस पर खास तवज्जो नहीं देते. कमरदर्द हो रहा हो तो हम आमतौर पर स्वयं को यह कहकर आश्वस्त करने की कोशिश करते है कि शायद गलत वजन उठा लिया होगा या शायद गद्दा-बिस्तर ठीक नहीं है या हम गलत मुद्रा में बैठकर टीवी देख रहे थे. या फिर कि एसी के ठीक सामने हमारी कुर्सी है न इसलिए कमरदर्द है शायद! इसमें भी औरतों के कमरदर्द को तो हम किसी गिनती में ही नहीं लाते. औरतों को तो कमरदर्द होता ही रहता है, साहब. घर के इतने काम, उठाधरी, झुकना, झुकाना, माहवारी वाले वे कठिन दिन. उनको तो इनमें से किसी भी कारण से दर्द हो सकता है. इसमें क्या ध्यान देना?



कमरदर्द के कारण कई हो सकते हैं. डिस्क खिसक जाना, स्पॉन्डिलाइटिस, कमर की हड्डी (मेरूदंड या बर्टीबा) के पैदाइशी डिफेक्ट, बढ़ी उम्र के कारण इन हड्डियों का कमजोर हो जाना आदि बहुत-से कारण तो वे हैं जो सीधे मेरूदंड की बीमारी से ताल्लुक रखते हैं. लेकिन शरीर में कहीं दूर बैठा कैंसर भी ऐसा दर्द पैदा कर सकता है


कमरदर्द केवल कमर की हड्डी या नस में किसी बीमारी के कारण हो रहा हो यह जरूरी नहीं. कमरदर्द के कारण कई हो सकते हैं. डिस्क खिसक जाना, स्पॉन्डिलाइटिस, कमर की हड्डी (मेरूदंड या बर्टीबा) के पैदाइशी डिफेक्ट, बढ़ी उम्र के कारण इन हड्डियों का कमजोर हो जाना आदि बहुत-से कारण तो वे हैं जो सीधे मेरूदंड की बीमारी से ताल्लुक रखते हैं.

लेकिन शरीर में कहीं दूर बैठा कैंसर भी ऐसा दर्द पैदा कर सकता है. प्रॉस्टेट, ब्रेस्ट, फेफड़ों, आंतों आदि के कैंसर के बारे में पहली बार तब ही चल सकता है, जब वे दूरदराज फैलकर इन हड्डियों में फैल जाएं.

कैल्शियम मेटाबॉलिज्म का नियंत्रण करने वाले सिस्टम (पैराथायरॉइड/ विटामिन डी/ किडनी आदि) की गड़बड़ी भी हड्डियों को कमजोर करके कमरदर्द कर सकती है. फिर? हम क्या करें, डॉक्टर साहब? आपने तो डरा भी दिया और भ्रमित भी कर दिया. हां मैंने किया. कई बार डराना और उचित भ्रम पैदा करना भी आवश्यक होता है ताकि हम जानें कि बीमारी ऐसी भी नहीं है कि हम उसे नजरअंदाज करें. कमरदर्द में निम्नलिखित बातों का अवश्य ध्यान रखें :

  1. कमरदर्द यदि अचानक तथा बहुत तेज हुआ हो, किसी भारी सामान को उठाने में हुआ हो या ऊंची जगह से फिसलने से हुआ हो तो इसे कतई नजरअंदाज न करें. स्वयं दर्द की दवाएं खरीदकर खाते न बैठ जाएं. डॉक्टर को दिखाएं.

  2. यदि कमरदर्द कई सप्ताह या माह से चल रहा हो, चाहे कितना भी हल्का हो उसके इतना तेज हो जाने के लिए न बैठे रहें कि जब झक मारकर डॉक्टर को दिखाना पड़े.

  3. यदि आप स्त्री हैं और आपको कमरदर्द परेशान करता है तो ऑर्थोपेडिक के अलावा अपना गायनी चेकअप भी अवश्य कराएं. यूटेरस आदि पेल्वस की बीमारियां कमरदर्द पैदा कर सकती हैं.

  4. कमरदर्द के साथ बुखार भी आता है तो तुरंत ही (बहुत-सी) जांचों की आवश्यकता हो सकती है. यह टीबी, आस्ट्रियोमाईलाइटिस से लगाकर कमर के (मेरुदंड) जोड़ का आर्थराइटिस तक निकल सकता है. बुखार हल्का हो तो भी नजरअंदाज न करें.

  5. कमरदर्द यदि लगातार हो, लेटने या आराम करने से भी ठीक न हो तो पूरी जांच की आवश्यकता है क्योंकि कमरदर्द के सामान्य कारणों में प्राय: आराम कर लो तो दर्द कम हो जाता है.

  6. कमरदर्द चलने पर हो परंतु आगे थोड़ा झुककर चलें या साइकलिंग करें तो न हो तो यह लंबर केनाल स्टीनोसिस नामक बीमारी हो सकती है जिसका इलाज ऑपरेशन है.

  7. यदि सीटी स्कैन या एक्स-रे में कमर की हड्डी या डिस्क में कोई खराबी दिखे तो जरूरी नहीं कि आपके कमरदर्द का कारण यही हो. कई बार यह होता है कि सीटी या एमआरआई में डिस्क खिसकी तो साफ दिख रही है या हड्डी बढ़ी दिख रही है, या कोई पुराना फ्रैक्चर ही दिख रहा है परंतु कमरदर्द किसी और कारण से हो रहा हो. ऐसे लोग कई बार ऑपरेशन तक करा लेते हैं पर दर्द ठीक नहीं होता. तो केवल जांच रिपोर्ट पर न जाएं.

  8. कमरदर्द के साथ यदि पांवों में या किसी उंगली, अंगुठे आदि में झुनझुनी हो या वह हिस्सा सुन्न हो जाए या उसमें ताकत कम लगे तो इसे इमरजेंसी मानें, तुरंत डॉक्टर को बताएं. कमरदर्द के साथ ऐसा होना खतरनाक है.

  9. कमरदर्द कई बार कूल्हे की बीमारी से भी हो सकता है. ऐसे में कमर की जांच कुछ नहीं बता सकेगी.


यदि कमर में दर्द, बना हुआ है तो उठें और किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह अवश्य लें.



शहडोल के डॉक्टर विनय एक मशहूर अस्थि रोग (आर्थोपेडिक) विशेषज्ञ है जिन्होंने काफी मेडिकल केस का तजुर्बा भी है अधिक जानकारी के लिए क्लिक करे


केयरअप प्लस के साथ डॉक्टर परामर्श शुल्क पर छूट पाए जबलपुर दिल्ली-NCR




Recent Posts

See All